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अध्याय 8: मन को स्थिर बनाना

अध्याय 8 में कृष्ण बताते हैं कि मन की स्थिति जीवनके हर अनुभव को प्रभावित करती है। स्थिर मन चुनौतियों से भी सहजता से गुजरता है।
वे बताते हैं कि उच्च और सकारात्मक विचारों का स्मरण मन को उठाता है। यह कोई कठोर नियम नहीं है। यह बस उन बातों को याद रखना है जो मन को मजबूत बनाती हैं।
युवा इसे अपने तरीके से जी सकते हैं। रोज़ाना अपने लक्ष्यों और मूल्यों को याद रखने से आत्मविश्वास बढ़ता है।
अध्याय 8 मन को तैयार और स्थिर बनाता है।










