अध्याय 15: मूल बातों की ओर लौटना
अध्याय 15 उल्टे वृक्ष का उदाहरण देता है जो बताता है कि जीवन उलझ जाता है जब मन तात्कालिक आकर्षणों में फँस जाता है। कृष्ण अर्जुन को मूल मूल्यों पर ध्यान लाने को कहते हैं।
युवा यह समझते हैं कि ऊर्जा उन्हीं चीजों पर लगानी चाहिए जो उन्हें मजबूत बनाती हैं।
अध्याय 15 आत्मिक स्थिरता की ओर लौटने की प्रेरणा देता है।
