अध्याय 14: तीन प्रवृत्तियों का प्रभाव
अध्याय 14 में कृष्ण तीन प्रवृत्तियों का वर्णन करते हैं। एक स्पष्टता की ओर ले जाती है। एक बेचैनी की ओर। एक आलस्य और भ्रम की ओर। ये मन और व्यवहार को प्रभावित करती हैं।
अर्जुन सीखता है कि इन प्रवृत्तियों को पहचानकर सही चुनाव किए जा सकते हैं।
युवा अपनी दिनचर्या में इनका असर देख सकते हैं। स्पष्ट दिनचर्या मन को मजबूत करती है। लगातार भटकना बेचैनी लाता है। लापरवाही से भ्रम बढ़ता है।
अध्याय 14 आत्मनिरीक्षण की कला सिखाता है
