अध्याय 5: जिम्मेदारी से आती है आज़ादी
अध्याय 5 में कृष्ण बताते हैं कि सही शांति जिम्मेदारी निभाने से आती है। ज़िम्मेदारी छोड़कर भागने से नहीं। जब व्यक्ति भय या लालसा से मुक्त होकर कर्म करता है, मन हल्का हो जाता है।
युवा अक्सर सोचते हैं कि जिम्मेदारी छोड़ने से तनाव कम होगा। पर ऐसा नहीं होता। भागने से उलझन बढ़ती है। करने से मन साफ होता है।
कृष्ण बताते हैं कि बाहरी काम करते हुए भी अंदर शांत रहना संभव है।
अध्याय 5 सिखाता है कि आज़ादी भीतर से आती है।
