Bhagvad Gita

अध्याय 4: अनुशासन की भूमिका

कृष्ण समझाते हैं कि मन को स्थिर रखने के लिए अनुशासन जरूरी है। अनुशासन का अर्थ कठोरता नहीं है। यह उन आदतों का अभ्यास है जो मन को मजबूत बनाती हैं।

अर्जुन की भावनाएँ तीव्र हैं। कृष्ण उसे बताते हैं कि नियमित आदतें मन को ठहराव देती हैं।

युवा अनियमित दिनचर्या से जूझते हैं। देर रात तक जागना, कभी पढ़ाई, कभी नहीं, मन को अस्थिर बनाता है। कृष्ण सरल, नियमित आदतों का सुझाव देते हैं।

अनुशासन ध्यान को भी मजबूत करता है। जब मन एक काम पर रहता है, प्रगति तेज होती है।

अध्याय 4 ज्ञान के साथ अनुशासन को जोड़ने की सलाह देता है।

Panditjee
Author: Panditjee

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *