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अध्याय 7: क्या सच में मायने रखता है

अध्याय 7 में कृष्ण बताते हैं कि जीवन की दिशा तब साफ होती है जब व्यक्ति मूल बातों को समझता है। वरना मन छोटी छोटी इच्छाओं और निराशाओं में उलझा रहता है।
कृष्ण कहते हैं कि लोग अलग अलग उद्देश्यों से जीवन जीते हैं। कुछ दुख से मुक्ति चाहते हैं। कुछ धन की इच्छा रखते हैं। कुछ ज्ञान खोजते हैं। कुछ और गहरी समझ की ओर बढ़ते हैं। कृष्ण सबकी यात्रा को समझते हैं लेकिन अर्जुन को व्यापक दृष्टि अपनाने को कहते हैं।
युवा अक्सर बदलते लक्ष्यों में फँस जाते हैं। पॉपुलैरिटी, लाइक्स, त्वरित सफलता आकर्षक लगती है पर स्थायी संतुष्टि नहीं देती।
अध्याय 7 सोच की दिशा को गहरा बनाता है।










