Blog
Chapter 12: The Path of Steady Devotion
Chapter 12 clarifies the nature of devotion. Krishna explains that devotion is not limited to ritual. It is a steady and sincere attitude of trust, commitment and service.
A devoted person tries to act with kindness, patience and honesty. They remain gentle even when situations are difficult. Krishna assures Arjuna that simple qualities such as humility, calmness and sincerity hold great value.
Young people can relate to this through everyday interactions. Patience in conversations, kindness in disagreements and sincerity in promises reflect a devotional attitude. These qualities strengthen relationships and bring inner peace.
Chapter 12 shows that devotion is a practical way of living with clarity and compassion.
Author: Panditjee
Related Posts
आज का राशिफल 15 दिसंबर 2025
मेष (21 मार्च – 19 अप्रैल):
आज निर्णय लेने में स्पष्टता रहेगी। आपका आत्मविश्वास महत्वपूर्ण योजनाओं ...
Today’s Horoscope 15 December 2025
Aries (March 21 – April 19):
Today supports thoughtful decision-making. Your confidence helps you m...
अध्याय 15: मूल बातों की ओर लौटना
अध्याय 15 उल्टे वृक्ष का उदाहरण देता है जो बताता है कि जीवन उलझ जाता है जब मन तात्कालिक आकर्षणों में...
अध्याय 18: अपनी राह को समझना
अंतिम अध्याय पूरे ज्ञान को समेटता है। कृष्ण बताते हैं कि सच्चा संन्यास काम छोड़ना नहीं, बल्कि परिणाम...
अध्याय 14: तीन प्रवृत्तियों का प्रभाव
अध्याय 14 में कृष्ण तीन प्रवृत्तियों का वर्णन करते हैं। एक स्पष्टता की ओर ले जाती है। एक बेचैनी की ओ...
अध्याय 13: स्वयं और दुनिया को समझना
अध्याय 13 आत्मा और शरीर मन को अलग पहचानने की शिक्षा देता है। शरीर और मन अनुभवों का क्षेत्र हैं। आत्म...
अध्याय 12: सरल और सच्ची भक्ति का मार्ग
अध्याय 12 भक्ति की व्यावहारिक परिभाषा देता है। भक्ति रीतियों तक सीमित नहीं है। यह सरल विश्वास, दयालु...
अध्याय 11: व्यापक दृष्टि
अध्याय 11 में कृष्ण अर्जुन को विराट रूप दिखाते हैं। अर्जुन देखता है कि पूरी सृष्टि एक ही प्रवाह में ...
अध्याय 10: रोज़मर्रा में उत्कृष्टता को पहचानना
अध्याय 10 में कृष्ण बताते हैं कि दुनिया के श्रेष्ठ गुणों में दिव्यता की झलक है। शक्ति, ज्ञान, धैर्य ...
अध्याय 9: सच्ची निष्ठा की कीमत
अध्याय 9 में कृष्ण अर्जुन से सरल और स्नेहपूर्ण स्वर में बात करते हैं। वे बताते हैं कि ईमानदारी और नि...
अध्याय 7: क्या सच में मायने रखता है
अध्याय 7 में कृष्ण बताते हैं कि जीवन की दिशा तब साफ होती है जब व्यक्ति मूल बातों को समझता है। वरना म...
अध्याय 8: मन को स्थिर बनाना
अध्याय 8 में कृष्ण बताते हैं कि मन की स्थिति जीवनके हर अनुभव को प्रभावित करती है। स्थिर मन चुनौतियों...