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अध्याय 10: रोज़मर्रा में उत्कृष्टता को पहचानना
अध्याय 10 में कृष्ण बताते हैं कि दुनिया के श्रेष्ठ गुणों में दिव्यता की झलक है। शक्ति, ज्ञान, धैर्य और सुंदरता में जीवन की गहराई देखी जा सकती है।
यह दृष्टि अर्जुन को दुनिया को नई नजर से देखने में मदद करती है।
युवा भी इस दृष्टि को अपनाकर जीवन में अच्छाई पहचान सकते हैं। किसी का अनुशासन, किसी की कला, किसी की दयालुता, किसी का स्पष्ट विचार, सब प्रेरणा देते हैं।
अध्याय 10 जीवन के प्रति प्रशंसा जगाता है।
Author: Panditjee
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