Daily Life, Hindu Religious

वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर दिशा में क्या रखना है शुभ, जानिए इसके नियम

उत्तर दिशा का महत्व

वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि घर और कार्यस्थल में वास्तु नियमों का पालन किया जाए, तो सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और वातावरण खुशनुमा होता है। सही दिशा में सही चीजें रखने से अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं। उत्तर दिशा को धन, समृद्धि और खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है। यदि इस दिशा में वास्तु के अनुसार आवश्यक परिवर्तन किए जाएं, तो जीवन में कई सकारात्मक बदलाव देखे जा सकते हैं।

उत्तर दिशा में रखने से दूर होगी आर्थिक तंगी

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की उत्तर दिशा में धन, तिजोरी या कीमती सामान रखने से धन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं। इस दिशा में धन रखने से कुबेर देव और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। साथ ही, उत्तर दिशा में मां लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करने से धन वृद्धि के योग बनते हैं और घर में आर्थिक संपन्नता बनी रहती है।

इन पौधों को रखें उत्तर दिशा में

उत्तर दिशा में कुछ विशेष पौधे लगाने से भी शुभ फल प्राप्त होते हैं:
– मनी प्लांट: इसे धन वृद्धि से जोड़ा जाता है। इसे उत्तर दिशा में रखने से आर्थिक लाभ मिलता है।
– तुलसी का पौधा: सनातन धर्म में तुलसी को अत्यंत पवित्र माना गया है। इसे उत्तर दिशा में रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और घर में शांति बनी रहती है।

रसोई का सही स्थान

वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि रसोई उत्तर दिशा में हो, तो इसे शुभ माना जाता है। ऐसा करने से मां अन्नपूर्णा की कृपा बनी रहती है और घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती।

उत्तर दिशा में रख सकते हैं ये चीजें

उत्तर दिशा में कुछ चीजों को रखने से सौभाग्य में वृद्धि होती है:
– छोटा फाउंटेन: पानी का प्रवाह आर्थिक समृद्धि का प्रतीक होता है।
– धातु या क्रिस्टल का कछुआ: इसे उत्तर दिशा में रखने से घर में स्थिरता और सुख-समृद्धि आती है।
– आईना: इसे सही स्थान पर रखने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

इन चीजों को उत्तर दिशा में न रखें

– जूते-चप्पल और कूड़ेदान: ये नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करते हैं।
– भारी सामान: इससे ऊर्जा का प्रवाह बाधित होता है और आर्थिक नुकसान हो सकता है।

यदि उत्तर दिशा में इन वास्तु नियमों का पालन किया जाए, तो घर और कार्यस्थल में सुख-समृद्धि बनी रहती है और धन संबंधी बाधाएं दूर होती हैं।

Panditjee
Author: Panditjee

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *