Tag Archives: Gita Chapter 2
अध्याय 3: अहंकार और प्रेरणा को समझना
अध्याय 3 में कृष्ण बताते हैं कि कर्म से भागा नहीं जा सकता। अर्जुन सोचता है कि युद्ध से हट जाने पर उल...
अध्याय 3: कर्म जीवन का हिस्सा है
अध्याय 3 में कृष्ण बताते हैं कि कर्म से भागा नहीं जा सकता। अर्जुन सोचता है कि युद्ध से हट जाने पर उल...
अध्याय 2: कृष्ण स्थिर कर्म पर इतना क्यों ज़ोर देते हैं
अध्याय 2 में कृष्ण अर्जुन को व्यावहारिक जीवन की दिशा देते हैं। वे बताते हैं कि स्थिर मन से ही स्थिर ...
अध्याय 1: अर्जुन का संकट: उलझन का असली वजन समझना
गीता का पहला अध्याय अक्सर दुःख और हिचकिचाहट का अध्याय कहा जाता है। अर्जुन दो सेनाओं के बीच खड़ा है औ...